गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन का स्तर कितना होना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Thu 13th Oct 2022 : 14:16

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में हीमोग्लोबिन यानी HB का लेवल ज्यादा होना चाहिए. प्रेग्नेंट महिलाओं में हीमोग्लोबिन का लेवल 12 से कम नहीं होना चाहिए. अगर 11 से कम हो तो इसका मतलब है कि आपको एनीमिया है. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो मां और बच्चे दोनों की सेहत को खतरा हो सकता है.

हीमग्लोबिन लेवल कम होने के कुछ लक्षण (Symptoms Of Low Hemoglobin Level)

अगर आप गर्भवती हैं तो आपको इन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि ये सब आपको चेतावनी देते हैं कि आपका हीमोग्लोबिन लेवल कम है।
स्किन और मसूड़ों का पीला हो जाना
मसल्स में कमजोरी आना और शरीर में जान न महसूस होना
बार बार सिर में दर्द होता रहना
धड़कन का अनियमित हो जाना
किसी भी चीज में ध्यान लगाने में समर्थ न हो पाना
सांस लेने में बहुत साहस लगना।

हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाने के सही तरीके (Healthy Ways To Improve Hemoglobin Level)
आयरन से युक्त खाने को अपनी डाइट में शामिल करें
अगर आपके शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल कम हो गया हैं तो आपको वह चीजें खानी शुरू कर देनी चाहिए जो आयरन से भरपूर हो।
इसके लिए आप फल और सब्जियां जैसे स्प्राउट, मटर, ब्रोकली, टमाटर का सेवन करें।
कुछ ड्राई फ्रूट जैसे लें किशमिश, पीनट, बादाम, खजूर आदि खायें।
कुछ अनाज जैसे गेहूं, बाजरा, ओट्स, जौ आदि को अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।

दवाइयां और सप्लीमेंट
आपके डॉक्टर आपके हीमोग्लोबिन लेवल को चेक करने के बाद अगर हीमोग्लोबिन लेवल कम पाते हैं तो गर्भवती को आयरन की कुछ दवाइयां और कुछ सप्लीमेंट्स खाने की सलाह देते हैं। जो आपको रोजाना खानी होंगी।

विटामिन्स का सेवन करें
कुछ विटामिन्स भी आपके शरीर के लिए जरूरी होते हैं, जो आपके हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाने में मदद करते हैं, जैसे विटामिन बी 12। इन सभी विटामिन्स का सेवन करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आयरन की कमी के कारण इन सब आवश्यक विटामिन की भी आप के शरीर में कमी होनी शुरू हो जाती है। इसलिए आपको इस प्रकार के विटामिन्स की लिस्ट अपने डॉक्टर से बनवा लेनी चाहिए ताकि आप समय समय पर पर्याप्त खाना खा पाएं और सारे पोषण की कमी पूरी कर पाएं।

इंजेक्शन के माध्यम से
बहुत सी महिलाएं ओरल सप्लीमेंट ले नहीं पाती हैं और प्रेग्नेंसी के लक्षण जैसे उल्टी, दस्त आदि के कारण उनका सारा आयरन वापिस बाहर निकल जाता है। इसलिए ऐसी महिलाओं को इंजेक्शन के माध्यम से भी आयरन सप्लीमेंट दिया जा सकता है। ताकि एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सके।

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